संरक्षित विदेशी पक्षियों की अवैध तस्करी का पर्दाफाश, दो महिला सहित चार गिरफ्तार
देहरादून प्रभाग की मालसी रेंज के अंतर्गत कांवली क्षेत्र में अवैध रूप से संरक्षित वन्यजीवों के रख-रखाव एवं व्यापार की सूचना प्राप्त होने पर वन विभाग द्वारा एक विशेष अभियान चलाया गया। मुखबिर खास से प्राप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम द्वारा कांवली क्षेत्र के विभिन्न आवासीय परिसरों एवं पेट शॉप्स में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में शेड्यूल ॥ के अंतर्गत संरक्षित प्रजातियों के तोते, जिनमें मुख्यतः रोज रिंग्ड पैराकीट (Rose-ringed Parakeet), अलेक्जेंड्रिन पैराकीट (Aleuandrine Parakeet) एवं प्लम हेडेड पैराकीट (Plum-headed Parakeet) शामिल हैं, बरामद किए गए। इस सम्बन्ध में पीपल फॉर एनीमल संस्था द्वारा भी जानकारी दी गई थी।
कार्रवाई के दौरान दो पुरुष एवं दो महिलाओं को अवैध रूप से संरक्षित पक्षियों के कब्जे एवं व्यापार में संलिप्त पाए जाने पर गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों को विधिक कार्यवाही हेतु माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CIM) न्यायालय, देहरादून के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।इस अभियान में उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून अभिषेक मैठाणी, वन क्षेत्राधिकारी मालसी शुची चौहान, प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी सतविंदर पाल सिंह तथा वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत सूचीबद्ध (शेड्यूल ॥) प्रजातियों का शिकार, पकड़ना, रखना, खरीद-फरोख्त करना या परिवहन करना पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा यह गंभीर दंडनीय अपराध है। उन्होंने बताया कि उक्त प्रकरण में गिरफ्तार व्यक्तियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उनके द्वारा आम जनमानस से अपील की गई कि किसी भी प्रकार के वन्यजीव या पक्षियों को पालतू के रूप में न रखें तथा यदि कहीं इस प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें। वन विभाग द्वारा वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध सख्त निगरानी एवं निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं।