AAP प्रदेश मुख्यालय में महत्वपूर्ण कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम आयोजित, हुई ये चर्चा

Spread the love

देहरादून: आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, प्रगति विहार देहरादून में एक महत्वपूर्ण कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम सिंह, प्रदेश संगठन महासचिव डी एस कौटिल्य, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम बाबू पांडे, संयुक्त सचिव श्याम लाल नाथ, प्रदेश सचिव सुरेंद्र शर्मा आदि ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया तथा कार्यक्रम का संचालन प्रदेश संगठन सचिव डीके पाल ने किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में उत्तराखंड में पिछले एक माह से आ रही प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्राण गवाने वाले मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई तथा समापन में 2 मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के ऊपर राज्य की बदहाली एवं अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कड़ा आक्रोश जताया और उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में विधानसभा स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करते हुए प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रदेश व्यापी अभियान चलाने के संबंध में विस्तार से चर्चा करी।

पार्टी का कहना था कि उत्तराखंड की सत्ता पर पिछले 25 साल से बारी-बारी राज करने वाली दोनों राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस और भाजपा को प्रदेश की जनता की परेशानियों और प्रदेश की बर्बादी से कुछ लेना-देना नहीं है। बल्कि उनका सारा ध्यान केवल प्रदेश के संसाधनों के दोहन और जनता के टैक्स के पैसों की लूट मचा कर इनके नेताओं तथा इनकी पार्टियों का खजाना भरने में लगा रहा।हाल ही में भाजपा सरकार में वन मंत्री रहे हरक सिंह रावत द्वार भारतीय जनता पार्टी को चलाने के लिए माफियाओं से वसूली के माध्यम से 30 करोड़ रुपए की धनराशि फिक्स डिपाजिट किए जाने के आरोप के विषय में बोलते हुए आप पार्टी ने कहा की अब समय आ गया है कि जनता को खुद समझना पड़ेगा कि जो पार्टी माफियाओं के पैसों से पनप रही है उसे जनता से क्या सरोकार होगा?

बल्कि उनकी हर योजना और और नीति माफियाओं के हित में ही बनेगी। इसके अलावा भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद तीरथ सिंह रावत द्वारा दिया गया बयान जिसमें उन्होने भाजपा सरकार में चल रहे घोटालो उजागर किया है, वह भी इनकी पार्टी के चाल,चरित्र और चेहरे को उजागर करता है।

अगर वर्तमान सरकार में जरा भी नैतिकता बची है तो वह इन आरोपों की जांच करवाएं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में पिछले एक माह से आपदाओं के कारण विनाश लीला हो रही है और सरकार का सारा ध्यान अपने और अपने प्रशासन तंत्र द्वारा राहत एवं बचाव कार्य में अपनी लापरवाही को छुपाने में लगा हुआ है। सरकार की संवेदनाएं इस हद तक मर चुकी है कि आपदाग्रस्त क्षेत्र में लोगों को मरता तड़पता छोड़ते हुए वहां की सच्चाई छुपाने के लिए कई दिन तक वहां पत्रकारों को जाने से भी रोका गया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आने वाली अधिकांश आपदाओं का कारण विकास योजनाओं के नाम पर सरकार की अदूरदर्शीता, अनियंत्रित अवैज्ञानिक ढंग से हो रहे निर्माण कार्य,सड़कों के बेतरतीबी निर्माण, विकास कार्यों में मानकों को दरकिनार करना और भू वैज्ञानिक, पर्यावरण विशेषज्ञ, पत्रकारों,सामाजिक संगठनों और निगरानी करने वाली सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओ द्वारा दी रही चेतावनी और न्यायालयों के आदेशों की अनदेखी किए जाने के कारण हुई है।

उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने उत्तराखंड देव भूमि को अपराधियो की शरणस्थली बनाकर रख दिया है। जिस की बानगी हाल ही में संपन्न हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में धांधली गोलीबारी पत्थर बाजी तथा निर्वाचित प्रत्याशियों के अपहरण के शर्मनाक मामलो में देखनी को मिली।

इन मामलों में दोनों पार्टियों के शामिल होने के प्रत्यक्ष प्रमाण सामने आने के बावजूद कानूनी कार्रवाई में टाल मटोल की गई। दोनो पार्टियों द्वारा अपराधियों को संरक्षण दिए जाने के कारण प्रदेश में विशेषकर महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। अपराधियों को सरकारी संरक्षण के कारण पुलिस प्रशासन भी लाचार दिखाई दिया है।

पिछले कुछ समय में प्रदेश में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड, हरिद्वार में अपनी ही पुत्री के साथ अनैतिक कार्य करवाने वाली भाजपा नेत्री तथा पौड़ी के जितेंद्र नेगी आत्महत्या कांड में मुलजिमों के भाजपा के रसूखदार पदाधिकारी स होने के कारण धामी सरकार की जीरो टॉलरेंस सरकार पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।


इसके साथ स्थाई राजधानी के मुद्दे पर पार्टी ने कहना है कि तथाकथित रूप से प्रस्तावित ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नवनिर्मित विधानसभा भवन में केवल डेढ़ दिन का वर्षा कालीन सत्र आयोजित करके प्रदेश की जनता से वसूली गई करोड़ों की धनराशि बर्बाद की गई। इस आयोजन का कोई अर्थ, औचित्य और परिणाम ना निकलना प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।


अंत में कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ता ने उत्तराखंड के जमीनी मुद्दों की लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए यह संकल्प लिया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर प्रदेश के हर जनपद और विधानसभा में संगठन को पुनर्जीवित किया जाएगा और एकजुट होकर प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की गई।


कार्यक्रम में रुड़की के जिला प्रभारी दुष्यंत महारथी, देहरादून महानगर अध्यक्ष शरद जैन, मीडिया प्रभारी संजय छेत्री, महानगर महासचिव जितेंद्र पंत, कोषाध्यक्ष वीर सिंह, रविंद्र चौधरी, वरिष्ठ महिला नेत्री सुधा पटवाल, यामिनी आले सहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *