उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वन्यजीव हमले में जनहानि पर सहायता राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये की जाएगी। उन्होंने वन्यजीवों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं। देवी-देवताओं के वाहनों में पशु-पक्षियों की उपस्थिति इसका प्रमाण है।
मुख्य बिंदु:
- वन्यजीव संरक्षण: राज्य सरकार वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
- इको-टूरिज्म: नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है, जिससे लोग जंगलों से जुड़ सकें और प्रकृति को नुकसान न पहुंचे।
- आजीविका के अवसर: स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं, जैसे कि नेचर गाइड, ड्रोन पायलट और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर।
- शिक्षा और जागरूकता: प्रत्येक जिले में छात्रों के लिए इको क्लब के जरिए वन्यजीवों से संबंधित शैक्षिक यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है।
- पर्यावरण संरक्षण: राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने पर्यटकों से आह्वान किया कि वे जंगल सफारी या धार्मिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी और हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं