एक साल से धूल फांक रही शहर की प्याऊ व्यवस्था, वाटर कूलर भी खराब,नहीं मिल रहा लोगों को ठंडा पानी”

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नगर पंचायत काट रहा मौज” लोगों ने डीएम से लगाई गुहार

जफर अंसारी/ लालकुआँ-लालकुआँ भीषण गर्मी से जनजीवन बेहाल हो गया है। नगर में प्याऊ का समुचित प्रबंध न होने से लोगों के कंठ सूख जा रहे हैं। नगर के विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर लगे प्याऊ एवं वाटर कूलर के खराब होने से लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं।

पीपल मंदिर स्थित आजाद नगर वार्ड नम्बर चार में राहगीरों आदि के लिए शुद्ध और शीतल जल पीने के लिए वाटर कुलर लगाया गया था। लेकिन पिछले लंबे समय से रखरखाव की कमी से खराब पड़ा हुआ है ।जबकि रेलवे स्टेशन, तहसील, अस्पताल आदि जगहों पर भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे प्यास बुझाने के लिए लोगों को काफी दिक्कतें पेश आ रही हैं।

चिलचिलाती धूप और तपिश भरे मौसम से बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुकानदार भी ग्राहकों के इंतजार में धूल फांक रहे हैं। जगह-जगह प्याऊ खराब होने से लालकुआँ में जरूरत के कार्यों से आने वाले जाने वाले और स्थानीय लोग प्यास बुझाने के लिए हाथों में पानी के बोतल लिए इधर-उधर दौड़ते देखा जा रहा है। यहाँ फिर गन्ने के मुस्सामी जुस की दुकानों पर भी दिखाई दे रहे हैं।


बताते चले कि लालकुआँ शहर को कुमाऊँ के द्वार के नाम से जाना जाता है यहाँ बरेली, दिल्ली,बम्बई, बिहार,राजस्थान, कलकत्ता सहित विभिन्न शहर से लोगों का आवागमन होता है। रेलवे स्टेशन चौराहे से ही साधन पकड़कर अपने अपने गंतव्य स्थान जाने के लिए लोग आते है। जिसको लेकर दिन भर यात्रियों का जमावड़ा लगा रहता है। वही स्कूल कॉलेज को जाने वाले छात्र छात्राओं का भी आवागमन होता है।

रेलवे स्टेशन चोराहे पर गर्मी में प्याऊ की व्यवस्था नही होने के कारण यात्री और राहगीर आसपास स्थित दुकानों पर जाकर अपनी प्यास बुझाने है। कभी ऐसा होता है कि आपूर्ति बाधित होने के कारण दुकानों पर पानी की समस्या बढ़ जाती है। उस दौरान लोग पानी के लिए परेशान हो जाते है और दुकानों से पानी खरीदकर पीने के विवश हो जाते है तब जाकर लोगो की प्यास बुझ जाती है
इधर स्थानीय लोगों के अनुसार लालकुआँ नगर पंचायत के पूर्व चैयरमेन स्वर्गीय रामबाबू मिश्रा के कार्यकाल में शहर के विभिन्न स्थानों पर वाटर कुलर लगाएं गए थे। जिनसे लोगों शीतल जल मिल रहा था। बीते एक बर्ष पूर्व नगर पंचायत प्रशासन ने रेलवे स्टेशन के पास लगे वाटर कूलर को हटाकर वह 8 मटके प्याऊ के लगा दिए। जो मटके पिछले एक साल से घूल फांक रहे हैं।

कहें तो शोपीस बने हुए है मटकों के चारों ओर काई जमी हुई, टोटियां खराब है इतना ही नहीं प्याऊ के सामने गंदगी का अंबार लगा हुआ है।लेकिन देखने वाला कोई नहीं। इसके अलावा अधिकांश जगहों पर लगे प्याऊ जवाब दे गए हैं। अधिकतर वाटर कूलर खराब पड़े हैं। लेकिन कोई भी जिम्मेदार इसकी सुधि नहीं ले रहा है। गर्मी के मौसम में इंसानों अलावा जानवर भी प्यास से बेहाल हैं।लोगों ने नगर पंचायत और जिला प्रशासन से नगर में पानी के इंतजाम कराने की मांग की है।


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