टिहरी घनसाली में बालगंगा नदी ने रौद्र रूप दिखाया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से जहां एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं बूढ़ाकेदार मुख्य बाजार पुल के पास निवासरत लोगों को रात के अंधेरे में अपने घरों की छोड़ना पड़ा. भारी बारिश के कई जगहों पर मार्ग नदी के कटाव से नदी में समा चुके हैं. सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से ग्रामीणों का जिला मुख्यालय सहित मुख्य बाजारों से संपर्क पूरी तरह से कट चुका है.
बता दें कि बालगंगा तहसील के बूढ़ाकेदार में देर रात नदी का जलस्तर बढ़ने से मनमोहन सिंह रावत पुत्र लखन सिंह रावत का मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। .मकान स्वामी मनमोहन सिंह रावत ने बताया की वह देर शाम को अपनी मां को खाना खिलाकर सुलाने चले गए और स्वयं दूसरे कमरे में सो गए, लेकिन रात को 12 बजे अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और तेज पत्थरों की आवाज आने लगी।
उसी वक़्त उन्होंने मां और स्वयं की घर से भाग कर जान बचाई। इसी दौरान मकान के पीछे का हिस्सा भरभरा कर नदी में समा गया। उन्होंने बताया की घर के अंदर रखा पूरा सामान नदी में बह गया। वहीं विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है और घराटों को काफी नुकसान पहुंचा है।
वहीं टिहरी जिले के बालगंगा तहसील में भारी बारिश के चलते तोली, तिंगढ़, जखाना के ग्रामीणों की कई एकड़ कृषि भूमि आपदा की चपेट में आई है. वहीं विनयखाल जखाना मोटर मार्ग के सड़क मार्ग का कई हिस्सा वास आउट होकर नदी में समा चुका है. ग्रामीणों का जिला मुख्यालय सहित मुख्य बाजारों से संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है.