नई रेलवे लाइन पर 122 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल सफल, सफर होगा आसान
खबरनामा ऑनलाइन/देहरादूनः अगर अब देहरादून हरिद्वार से दिल्ली के रूट पर ट्रेन से सफर करते है तो आपके लिए खुशखबरी है। रेलवे प्रशासन ने रुड़की-देवबंद रेल लाइन पर सफल ट्रायल कर लिया है, जो जल्द ही चालू हो जाएगी। इस लाइन पर हाल ही में 122 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया है। बताया जा रहा है कि लाइन के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच रेलवे की दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी
देवबंद-रुड़की नई रेलवे लाइन परियोजना की 29.55 किलोमीटर लंबाई को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की मंजूरी मिल गई है। इस खंड पर हाल ही में 122 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस नई लाइन के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच रेलवे की दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इस पर ट्रेनों का संचालन आरंभ होने के बाद हरिद्वार, रुड़की, दिल्ली व देहरादून जाने वाले यात्रियों को लाभ होगा। क्योंकि वर्तमान में रुड़की, हरिद्वार और देहरादून जाने के लिए यात्रियों को सहारनपुर या फिर टपरी स्टेशन से होकर जाना पड़ता है, लेकिन इस रेलमार्ग से वह देवबंद से सीधे रुड़की होकर देहरादून व हरिद्वार जा सकेंगे। इससे 33 किमी की दूरी कम हो जाएगी।
इन गांवों से होकर गुजर रहा रेलमार्ग
यूपी व उत्तराखंड को जोड़ने वाला नया रेलमार्ग सहारनपुर जनपद के 14 और हरिद्वार के 11 गांवों से होकर गुजर रहा है। इनमें देवबंद का गांव बन्हेड़ा खास, जाटौल, मझौल जबरदस्तपुर, नियामतपुर, माजरी, असदपुर करंजाली, दिवालहेड़ी, नूरपुर देवबंद हदूद शामिल हैं।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तराखण्ड के लोगों के लिए विकास के नए रास्ते खोलेगी और क्षेत्र में पर्यटन, रोजगार एवं व्यापार को नई ऊंचाइयां देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उत्तराखण्ड में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता रही है और देवबंद-रुड़की रेल लाइन उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मैं रेल मंत्रीअश्विनी वैष्णव का भी विशेष धन्यवाद करता हूं, जिनके मार्गदर्शन में यह परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है।