मिर्जापुर शिया मस्जिद में हाईकोर्ट की अवहेलना कर अवैध निर्माण करने के आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल

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शिया समुदाय पर दबाने ,डराने, धमकाने के गंभीर आरोप, आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग, पढें पूरा मामला

खबरनामा ऑनलाइन/सहारानपुर: यूपी में सहारनपुर बेहट समीप मिर्ज़ापुर कस्बे में चल रहे शिया मस्जिद विवाद में बड़ा अपडेट आया है। यहां हाइकोर्ट के फैसले की अनदेखी कर मस्जिद में अवैध निर्माण के गंभीर आरोप लगे है। इतना ही नहीं शिया समुदाय के लोगों को डराने धमकाने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोग न्याय की गुहार लगा रहे है।

बता दें कि मिर्जापुर में एक शिया मस्जिद में आधी रात में जबरन तोड़फोड़ की गई थी। कब्रिस्तान की जमीन कब्जाने के बाद अब मस्जिद पर अवैध कब्जा करने की कोशिश के आरोप है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के क्षेत्र में आर्थिक रूप से मजबूत और बहुसंख्या में होने से अल्पसंख्यक शिया समुदाय पर दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं अधिकारी भी डरा धमका रहे है। दरोगा पर मस्जिद के मुतावल्ली को बुलाकर अभद्रता करने के आरोप है।

इस मस्जिद में गरीब शिया परिवारों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। शिया समुदाय के लोगों ने प्रशासन से मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है।

वहीं अबु तालिब ज़ैदी राज्य स्तर शूटर (स्वर्ण पदक विजेता) प्रवक्ता ऑल इंडिया शिया यूथ बिग्रेड ने यूपी सरकार से उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना, मिर्जापुर पोल सहारनपुर में मस्जिद पर अवैध निर्माण तथा शिया समुदाय पर क्षेत्राधिकारी बेहट द्वारा दबाव डाले जाने की शिकायत को लेकर पत्र लिखा है।

मुख्य सचिव को लिखें पत्र में उन्होंने कहा कि प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद खंडपीठ द्वारा दिनांक 3 मार्च 2025 को पारित आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र पर जिलाधिकारी /अतिरिक्त वक़्फ़ बोर्ड कार्यालय, लखनऊ, बारह सप्ताह के भीतर विधिक निर्णय पारित करें। दुर्भाग्यवश, इस आदेश के बावजूद विवादित मस्जिद पर निर्माण कार्य अब भी जारी है और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई गई है। इससे भी अधिक चिंताजनक स्थिति यह है कि क्षेत्राधिकारी बेहट, सहारनपुर द्वारा शिया समुदाय के लोगों पर यह दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस गंभीर विषय पर उच्च अधिकारियों को कोई शिकायत न करें। समुदाय के सदस्यों को धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने शिकायत की तो उन्हें झूठे आपराधिक मामलों में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। यह न केवल न्यायालय के आदेश की घोर अवहेलना है, बल्कि एक विशेष समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन भी है।

अतः आपसे निवेदन है कि माननीय न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित करते हुए अवैध निर्माण को तत्काल रोका जाए, शिया समुदाय को भयमुक्त वातावरण प्रदान किया जाए तथा क्षेत्राधिकारी बेहट की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उनके विरुद्ध यथोचित विधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही अमल में लाने हेतु सम्बंधित अधिकारियो को निर्देशित करने कि कृपा करे। आपके सकारात्मक हस्तक्षेप की अपेक्षा में।


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