खबरनामा ऑनलाइन/लखनऊ। UP शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बदहाली, बकाया वेतन और अव्यवस्था से जूझ रहे उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड को बदलने का दावा किया है। बोर्ड को ‘सुनहरे दौर’ में बदलने का दावा करने वाले अली जैदी ने शुक्रवार को मीडिया से अपनी उपलब्धियों को साझा किया।
बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने न सिर्फ आय दोगुणी करने, बल्कि पारदर्शिता और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। अपने साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि जब हमने बोर्ड का कार्यभार संभाला था तब यह बेहद खराब स्थिति में था। यहां के कर्मचारियों का 37 माह का वेतन बकाया था। अब केवल चार माह का वेतन इसलिए बचा है, क्योंकि यहां से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 50 लाख रुपये से अधिक का भुगतान प्राथमिकता से किया गया है।
चेयरमैन ने कहा कि बोर्ड के निर्णयों में पारदर्शिता का प्रमाण यह है कि बहुत कम मामलों में वक्फ ट्रिब्यूनल में चुनौती दी गई और उनमें भी केवल सात मामलों में स्थगन या पुनर्विचार आदेश हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बोर्ड ने न सिर्फ वक्फ संपत्तियों को भू-माफिया के कब्जे से मुक्त कराया, बल्कि अवैध रूप से कब्जे में ली गई मंदिर, धर्मशाला और निजी संपत्तियों को भी संबंधित पक्षों को वापस दिलाया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच बोर्ड की कुल आय 6.02 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले कार्यकाल (2016-17 से 2020-21) में यह 3.94 करोड़ रुपये थी। एक लाख रुपये से अधिक आय वाले वक्फ की संख्या भी 38 से बढ़कर 81 हो गई है। वक्फ संपत्तियों के डिजिटलाइजेशन के तहत 7785 संपत्तियों में से 7647 को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। इनमें से बड़ी संख्या का सत्यापन और अनुमोदन हो चुका है।