पिलखी अस्पताल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर फिर उठे सवाल, एक प्रसूता महिला की हुई मौत

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टिहरी/मन मोहन सिंह: विकासखंड भिलंगना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल से फिर एक गंभीर मामला सामने आया है। बासर पट्टी के सेम गांव निवासी रवीना कठैत (22 वर्ष) पत्नी कुलदीप सिंह कठैत की गुरुवार सुबह प्रसव के 24 घंटे के बाद मौत हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल से प्रस्तुता को प्रसव के बाद हालत बिगड़ने पर बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया था। जहां महिला की मौत हो गई है। इससे पहले भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में एक महिला अनीशा रावत का प्रसव हुआ था। जिसको हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया था। जिसके बाद प्रस्तुता की मौत हो गई थी। दोनों ही मामलों में पिलखी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लग रहे है।

डॉक्टर की अनुपस्थिति और वार्ड बॉय के सहारे अस्पताल के आरोप

परिजनों के अनुसार, रवीना को मध्य रात्रि के समय अचानक हल्का दर्द और सांस लेने में तकलीफ़ होने लगी। रवीना के पति द्वारा अस्पताल कर्मियों को सूचित करने पर केवल वार्ड बॉय ही मौजूद मिला, डॉक्टर उस समय अस्पताल में नहीं थे। इस दौरान रवीना की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

सीएमओ का बयान

खबरनामा ऑनलाइन से दूरभाष पर बात करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. श्याम विजय ने बताया कि रवीना का पहले हृदय संबंधी ऑपरेशन हुआ था, जिसकी जानकारी परिजनों ने डॉक्टरों को समय पर नहीं दी। उन्होंने कहा कि प्रसव सामान्य रहा था और करीब 24 घंटे बाद जब रवीना को सांस लेने में परेशानी हुई तो उपलब्ध सभी चिकित्सकीय उपचार दिए गए तथा 108 एंबुलेंस से ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया।

स्थानीय लोगों का आरोप

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिलखी अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और रात के समय केवल वार्ड बॉय के सहारे अस्पताल चलने की स्थिति पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है। अब एक बार फिर रवीना की मौत ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और संसाधनों की कमी को उजागर कर दिया है।

पूर्व विधायक घनसाली भीमलाल आर्य ने दी धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी

पूर्व विधायक घनसाली भीमलाल आर्य ने दूरभाष पर बात करते हुए कहा कि यह दूसरी घटना है। बदहाल स्वास्थ्य सुविधा की वजह से हमने अपनी बहन रवीना को खो दिया है। उन्होंने कहा कि हमने सरकार से मांग की है कि अब घनसाली में हाई टेक मेडिकल सेंटर नहीं खोल पा रहे है जनता का भला नहीं कर पा रहे है तो स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर और पिलखी में मानकों के अनुसार एक्सपर्ट चिकित्सकों की नियुक्ति कर दें। साथ ही उन्होंने मांग की कि घनसाली में एक उपजिलचिकित्सालय बनाए। घनसाली चार धाम यात्रा, तीर्थाटन, पर्यटन, दैवीय आपदा की दृष्टि से अति संवेदन शील है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह शनिवार को मृतक बहन रवीना की अंत्येष्टि में शामिल होने के बाद रविवार से दोनों अस्पतालों में तालाबंदी कर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ रहे।


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