खबरनामा ऑनलाइन/लखनऊः मुजफ्फरनगर स्थित दरगाह ए आलिया बाबुल हवाईज बघरा और विश्व विख्यात दरगाह ए आलिया नजफे हिन्द जोगीपुरा में सालाना मजलिसों को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। बता दें कि इस साल जोगीपुरा से पहले बघरा दरगाह में 15 मई से 18 मई तक सलाना मजलिसे होगी। इसके बाद जोगीपुरा दरगाह में 22 मई से 25 मई तक मजलीसों का आयोजन किया जाएगा। आइए जानते है डिटेल्स
बता दें कि मुजफ्फरनगर बघरा दरगाह ए आलिया बाबुल हवाईज में 15 मई से 18 मई तक मजलिसो का सिलसिला जारी रहेगा। करीब 50 साल से लागातार होते आ रहे मजिलस के कार्यक्रम को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई हैं। यह दरगाह आलिया हजरत अब्बास बाबुल हवायज बघरा जिला मुख्यालय में 12 किलोमीटर दूर शामली मार्ग, बघरा में स्थित है। धार्मिक सौहार्द्र के प्रतीक के रूप में मशहूर इस स्थान पर विभिन्न समुदाय के लोग मन्नत – मुरादें मांगने के लिए पहुंचते हैं। शिया समुदाय के विश्व प्रसिद्ध धर्मस्थल के रूप में प्रसिद्ध दरगाह में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली सालाना मजलिसों में देश-विदेश में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है।
राजा भगीरथ द्वारा बसाई गई थी बस्ती बघरा
बता दें कि मुगल बादशाह हुमायूं के शासनकाल में राजा भगीरथ द्वारा बसाई गई यह बस्ती बघरा के नाम से जानी जाती है। यहां बस स्टेंड पर स्थित दरगाह के बारे में मान्यता है कि शिया समुदाय के बहुचर्चित मौलाना फरजंद अली के इराक स्थित करबला में मुहम्मद स0 अ0 के नवासे इमाम हुसैन की कब्र से पवित्र मिट्टी लाकर बघरा स्थित इस बाग में दफन की थी, जहां फिल्हाल यह दरगाह स्थित है। इसी बाग में पहले से ही ताजिए दफन किए जाते थे।
दरगाह आलिया हजरत अब्बास बाबुल हवायज बघरा का इतिहास
दरगाह की उत्पत्ति भी एक विचित्र ढंग से हुई, यहां का इतिहास बड़ा रोचक है। 13 अप्रैल 1963 की शाम लगभग पांच बजे निकटवर्ती गांव सैदपुरा का असगर त्यागी नाम का युवक खेतों में पशु चरा रहा था, तभी एक नकाबपोश घुड़सवार की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इसी बीच घुड़सवार नकाबपोश की ठोकर असगर के मुंह पर लगी, जिससे असगर 40 कदम दूरी पर जा गिरा व बेहोश हो गया। यह खबर बघरा व सैदपुरा गांव में आग की तरह फैल गई। आसपास के गांवों में सैंकड़ों लोग वहां पहुंचे, जहां असगर बेहोश पड़ा था। यहां देखने पर तेज गर्मी के मौसम में कड़ी भूमि पर घोड़े की टाप के निशानात काफी गहरे दिखाई दिए, जिसमें से अद्भुत चमत्कारी खुशबू आ रही थी।
दरगाहे आलिया नजफे हिन्द जोगीपुरा में मजलिसो की तैयारी तेज
तो वहीं दरगाहे आलिया नजफे हिन्द जोगीपुरा की चार रोजा सालाना मजलिस 22, 23, 24, 25 मई 2025 से शुरू होंगी चेयरमैन अली जैदी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश ने मौलाना सैय्यद कल्बे जवाद नकवी की कयादत और अपनी अध्यक्षता में 22, 23, 24, 25 मई 2025 सालाना मजलिसों की तारिखो की एलान किया है। डा. मौलाना मिर्जा शफीक हुसैन कबिला कोर्डिनेटर की निगरानी में दरगाह परिसर में सालाना मजलिसों की तैयारियां तेज है।
सभी व्यवस्थाओं को लेकर चाक चौबंद
मजलियों की तैयारियों को लेकर यूपी वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अली जैदी ने खबरनामा ऑनलाइन की टीम से बात करते हुए कहा कि जायरीनों की सुविधाओं को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को लेकर चाक चौबंद की जा रही है। प्रशासन भी इसके लिए काम कर रहा है। जायरिनों को खाने-पानी से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। इसके लिए काम किया जा रहा है। उनकी पूरी कोशिश है कि जायरिनों को साफ सुथरा और शुद्ध भोजन मिल सके। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान रखा जाएगा।
दरगाह ए आलिया नजफ़ ए हिन्द जोगीपुरा और दरगाह ए आलिया बाबुल हवाईज बघरा दोनो ही शिया मुस्लिम समाज के लोगों का प्रमुख आस्था का केन्द्र हैं। इन दरगाहों पर प्रति वर्ष लाखों हिंदू-मुस्लिम सहित हर धर्म के अकीदतमंद आते हैं। प्रति वर्ष दोनो दरगाह पर चार दिनी मजालिस का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों लोगों की शिरकत होती है। दरगाह क्षेत्र तंबुओं के एक शहर में परविर्तित हो जाता है। वर्षों से होती आ रही सालाना मजालिस शिया मुसलमानों के लिए आस्था का प्रमुख मार्ग साबित हो रही है।