दिल्ली: अमेरिका और ईरान जंग 2 हफ्तों के लिए रोक दी गई है, वजह है दोनों देशों का 2 हफ्ते तक सीजफायर पर सहमत होना. राहत भरी बात यह है कि अब होर्मुज भी खुल गया है. मतलब यह कि ईरान होर्मुज के रास्ते अमेरिका समेत अन्य देशों के तेल के जहाजों को निकलने की परमिशन भी मिल गई है. लेकिन ये परिशन मुफ्त में नहीं दी गई है. इसके लिए ईरान टोल वसूलेगा. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को इस शर्त के साथ दो हफ्तों तक खोलने की परमिशन दी है कि वह इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा. हालांकि इसका फायदा ईरान के साथ ही ओमान को भी होगा.
अब सवाल यह है कि ईरान इन जहाजों से कितना टैक्स लेगा? अनुमान के मुताबिक, ईरान हर जहाज से 2 मिलियन डॉलर वसूलेगा. टैक्स वसूले जाने की पुष्टि अधिकारियों के हवाले से की गई है. हालांकि ये नहीं बताया गया कि कितना टोल वसूला जाएगा. माना जा रहा है कि इससे ईरान को हर महीने 4.5 अरब डॉलर की आमदनी हो सकती है.
शिपिंग इंडस्ट्री की खुफिया जानकारी देने वाली वेबसाइट लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक, होर्मुज से आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 120 जहाज गुजरते हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि तेहरान होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने के लिए कुछ जहाजों से पहले ही 20 लाख डॉलर का शुल्क वसूल रहा है. ईरान होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों से प्रति जहाज 15 लाख डॉलर तक वसूल सकता है. इस तरह से वह अकेले कच्चे तेल टैंकरों से हर महीने 4.5 अरब डॉलर की कमाई कर सकता है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ेगा.
बता दें कि ईरान ने जंग के बीच कुछ जहाजों से टोल वसूला था. किस देश के जहाज से कितना टोल लिया गया, इसकी पुख्ता जानकारी तो नहीं है. लेकिन कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10-15 मिलियन डॉलर टोल लिए जाने की बात कही गई है. साथ ही ये भी कहा गया कि अगर ईरान को टोल वसूली का अधिकार मिल जाता है तो यह 2 मिलियन डॉलर प्रति जहाज हो सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भेजे गए अपने प्रस्ताव में कहा कि दो हफ्ते तक लड़ाई रोक दी जाए और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल दिया जाए. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इन दो हफ्तों के समय का इस्तेमाल ईरान के साथ अंतिम समझौता करने के लिए करेगा. यानी इन दो हफ्तों में बातचीत होगी