निगम की टीम के जाते ही कब्जाधारी ने उखाड़कर फेंका बोर्ड
देहरादून, 7 अप्रैल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा नगर निकायों को अपनी एक-एक इंच जमीन भू-माफिया से मुक्त कराने के स्पष्ट निर्देश और चेतावनी के बावजूद राजधानी देहरादून में नगर निगम की संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। निगम की कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही भू-माफिया ने दोबारा कब्जा जमा लिया और निगम का बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया।
मामला वार्ड-34 गोविंदगढ़ क्षेत्र का है। दुर्गा डेयरी केपास नगर निगम देहरादून की करीब 800 वर्गगज भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे की शिकायत मिल रही थी। क्षेत्रीय पार्षद महेंद्र कौर कुकरेजा ने इस संबंध में नगर निगम और मेयर को लिखित शिकायत दी थी।
शिकायत के अनुसार, पूर्व में क्षेत्र में नाली निर्माण के दौरान एक स्थानीय निवासी की निजी भूमि प्रभावित हुई थी। तब निगम और व्यक्ति के बीच मौखिक सहमति बनी थी कि प्रभावित हिस्से के बदले उसे निगम की खाली पड़ी भूमि का एक सीमित हिस्सा उपयोग के लिए दिया जाएगा। पार्षद का आरोप है कि उस व्यक्ति ने तय सीमा से अधिक, पूरी 800 गज भूमि पर पक्की बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा कर लिया।
सोमवार को मेयर के निर्देश पर नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जेसीबी से अवैध बाउंड्रीवाल ध्वस्त कर दी और जमीन पर “यह संपत्ति नगर निगम देहरादून की है” का बोर्ड लगा दिया। लेकिन निगम की टीम के लौटते ही कथित भू-माफिया के लोग मौके पर पहुंचे, बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया और दोबारा कब्जे का प्रयास शुरू कर दिया।
पार्षद का पक्ष:
पार्षद महेंद्र कौर कुकरेजा ने बताया कि वह इस जमीन पर बच्चों के लिए पार्क, ओपन जिम और प्ले एरिया बनवाना चाहती हैं, ताकि क्षेत्र के बच्चों को मुफ्त में खेलने और व्यायाम की सुविधा मिल सके। “यह जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए है, किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं बनने देंगे,” उन्होंने कहा।
निगम का बयान:
सहायक नगर आयुक्त राजेश नैथानी ने बताया, “पार्षद की शिकायत पर जांच के बाद अतिक्रमण हटाया गया था और निगम का बोर्ड लगाया गया था। यह संपत्ति राजस्व रिकॉर्ड में नगर निगम देहरादून के नाम दर्ज है। संबंधित पक्ष ने कुछ कोर्ट से जुड़े दस्तावेज पेश किए हैं। उनका विधिक परीक्षण कराया जा रहा है। दस्तावेज सही नहीं पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और FIR भी दर्ज कराई जाएगी।”
फिलहाल निगम ने जमीन पर दोबारा बोर्ड लगाने और पुलिस को निगरानी के निर्देश दिए हैं।