खबरनामा ऑनलाइन / देहरादूनः देशभर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत HEALTH RECORD LINKAGE हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पहला स्थान उत्तर प्रदेश को मिला है. इसके अलावा आभा आईडी, अस्पतालों और डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन, आभा आधारित ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन जैसे विभिन्न श्रेणियों में राज्य ने पांच चरण पूरे कर लिए हैं. राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अनुसार उत्तराखंड में अब तक 74 लाख 14 हजार 9 सौ 23 से अधिक हेल्थ रिकॉर्ड आभा आईडी नेटवर्क से लिंक किए जा चुके हैं, जो अपने आप में प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है. रिकॉर्ड लिंक होने से कोई भी मरीज देश के किसी भी अस्पताल में डॉक्टर के साथ अपनी हेल्थ रिपोर्ट शेयर कर सकेंगे और अपनी बीमारी के बारे में सलाह ले सकेंगे.
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6 लाख से अधिक मरीजों ने कराया ओपीडी रजिस्ट्रेशन:
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर धन सिंह रावत का कहना है कि राज्य की कम आबादी होने के बावजूद हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज के मामले में राज्य ने देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. जो लोगों के स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है. धन सिंह रावत ने बताया कि सरकार ने राज्य में शत प्रतिशत लोगों की आभा आईडी बनाने का लक्ष्य तय किया है. उन्होंने बताया कि डिजिटल मिशन के तहत राज्य के अलग-अलग अस्पतालों में स्कैन एंड शेयर सुविधा का लाभ भी मरीज उठा रहे हैं. इस सुविधा का लाभ उठाते हुए अब तक राज्य में 6 लाख से अधिक मरीजों ने अपना ओपीडी रजिस्ट्रेशन कराया है.
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डॉक्टरों, नर्स और आशा वर्करों का तैयार किया जा रहा डाटाबेस: अभी यह सुविधा एम्स ऋषिकेश, देहरादून, श्रीनगर, अल्मोड़ा के राजकीय मेडिकल कॉलेजों, जिला चिकित्सालय देहरादून, पंडित हरगोविंद पंत जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा और उप जिला चिकित्सालय रुड़की में संचालित की जा रही है. इसके साथ ही राज्य में डॉक्टरों, नर्सों और आशा वर्करों का भी डेटाबेस तैयार किया जा रहा है. अभी तक राज्य में 8317 हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं. तमाम अस्पतालों, क्लीनिकों, जांच सेंटरों, प्रयोगशालाओं, इमेजिंग सेंटर, फार्मेसी का भी रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है, जिसमें अब तक 7423 हेल्थ फैसिलिटी रजिस्टर्ड की जा चुकी हैं.
पहले स्थान पर काबिज है यूपी:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अपेक्षाकृत कम आबादी होने के बावजूद उत्तराखंड देशभर में हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज के मामले में दूसरे पायदान पर है. जबकि पहले स्थान पर उत्तर प्रदेश काबिज है और दूसरे स्थान पर उत्तराखंड है. इसके अलावा तीसरे स्थान पर गुजरात, चौथे पर बिहार और पांचवें स्थान पर महाराष्ट्र है.
70 लाख से अधिक बनी आभा आईडी:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अबतक 70,50,119 लोगों की आभा आईडी तैयार की जा चुकी है. जिसमें नैनीताल में 879901, देहरादून 1393101, पौड़ी 501662, बागेश्वर 201714, चम्पावत 189247, चमोली 273103, उत्तरकाशी 225388, पिथौरागढ़ 332858, हरिद्वार 1181607, टिहरी 395329, रुद्रप्रयाग 156641, अल्मोड़ा 387970 और उधमसिंह नगर में 911668 लोगों की आभा आईडी जनरेट की जा चुकी है. इसके अलावा 19930 आभा आईडी के जनपदों का चिन्हित किया जा रहा है.
चार जनपदों में चल रही माइक्रोसाइट:
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुताबिक राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा प्रदेश में आयुष्मान भारत के अंतर्गत चार जनपदों में 7 माइक्रोसाइट चल रही है. जिसमें देहरादून हरिद्वार और उधमसिंह नगर जनपद में 2-2 और नैनीताल जनपद में एक माइक्रोसाइट चल रही है. जिनके माध्यम से तेजी से इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड बनाये जा रहे हैं. यही वजह है कि कम आबादी होने के बाद भी उत्तराखंड हेल्थ रिकॉर्ड लिंकेज में अग्रणी राज्यों में शुमार है.