डेंगू को लेकर लापरवाह बने सोते रहे अफसर, जाग गया मच्छर, जानें लक्षण
खबरनामा ऑनलाइन/देहरादून। उत्तराखडं की राजधानी में तेजी से डेंगू Dengue Update पैर पसार रहा है। डेंगू हर साल एक बड़ी आबादी को प्रभावित करता है और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने इस बीमारी को लेकर अफसर लापरवाह बने हुए हैंं। हालात देखिए कि डेंगू के 16 मामले आने के बाद भी मातहतों ने आला अधिकारियों को इसकी जानकारी तक देना गवारा नहीं समझा। राजधानी दून में डेंगू पीड़ित मरीज की मौत हो गई है। वहीं दो नए केस मिले है।
इंदिरेश अस्पताल में भर्ती था मृतक मरीज
मिली जानकारी के मृतक पीडित मरीज को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती किया गया था। चिकित्सकों ने उसकी मौत का कारण मल्टी आर्गन फेल्योर बताया है। उधर, दो और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ये दोनों मरीज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती हैं। बलबीर रोड, नई बस्ती निवासी 49 वर्षीय व्यक्ति को किडनी और श्वसन संबंधी दिक्कत थी। स्वजन उन्हें सिटी हार्ट सेंटर ले गए। जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। पांच अप्रैल को उन्हें श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डेंगू की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने इसकी पुष्टि की है।
इन मरीजों के लिए डेंगू हो सकता है खतरनाक
चिकित्सकों का कहना है कि कोमार्बिड मरीज़ों के लिए डेंगू खतरनाक हो सकता है। मधुमेह, टीबी, एचआइवी, कैंसर, गुर्दा रोग आदि में यह जानलेवा साबित हो सकता है। ये रोग व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता नष्ट कर देते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज शर्मा के अनुसार, अस्पताल की ओर से दी गई रिपोर्ट में मरीज को डिस्चार्ज दिखाया गया है। सर्वे करने गई टीम को व्यक्ति की मौत की जानकारी मिली।
क्या है डेंगू के लक्षण
आमतौर पर डेंगू बुखार के लक्षणों में एक साधारण बुखार होता है और किशोरों एवं बच्चों में इसकी आसानी से पहचान नहीं की जा सकती। डेंगू में 104 फारेनहाइट डिग्री का बुखार होता है, जिसके साथ इनमें से कम से कम दो लक्षण होते हैं:
- सिर दर्द
- मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द
- जी मिचलाना
- उल्टी लगना
- आंखों के पीछे दर्द
- ग्रंथियों में सूजन
- त्वचा पर लाल चकत्ते होना
- तीन प्रकार के बुखार होते हैं, जिनसे व्यक्ति को खतरा होता है, जो इस प्रकार हैं – हल्का डेंगू बुखार, डेंगू रक्तस्रावी बुखार और डेंगू शॉक सिंड्रोम।
हल्का डेंगू बुखार – इसके लक्षण मच्छर के दंश के एक हफ्ते बाद देखने को मिलते हैं और इसमें गंभीर या घातक जटिलताएं शामिल हैं।
डेंगू रक्तस्रावी बुखार – लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे कुछ दिनों में गंभीर हो सकते हैं।
डेंगू शॉक सिंड्रोम – यह डेंगू का एक गंभीर रूप है और यहां तक कि यह मौत का कारण भी बन सकता है।
डेंगू से कैसे करें बचाव
- डॉक्टर आपको खूब तरल पदार्थ पीने और आराम करने की सलाह देगा। सबसे अच्छा तरीका रोकथाम है।
- त्वचा को खुला न छोड़ें: अपनी त्वचा की सतहों को ढकने और मच्छर के दंश की संभावना को कम करने के लिए लंबी पैंट और पूरी बाजू की शर्ट पहनने की कोशिश करें। डेंगू के मच्छर सुबह या शाम को अत्यधिक सक्रिय होते हैं, इसलिए ऐसे समय में बाहर निकलने से बचने की कोशिश करें।
- मच्छर रोधी क्रीम लगाए ताकि मच्छर दूर रहे।
- व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद जरूरी है।
- ठहरे हुए पानी को कीटाणुरहित करें। बता दें कि एडीज मच्छर साफ और स्थिर पानी में पनपता है। पानी के बर्तन या टंकी को हर समय ढककर रखें और यदि आवश्यक हो तो एक उचित कीटाणुनाशक का उपयोग करें।