DEHRADUN NEWS: रिस्पना नदी को लेकर धामी सरकार ने लिया बड़ा फैसला, किया जाएगा चिन्हित,पढ़ें

Spread the love

खबरनामा ऑनलाइन/ देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में रिस्पना नदी को लेकर अहम फैसला लिया गया। जिसके तहत शिखर फॉल से लेकर मोथरोवाला तक रिस्पना नदी के किनारे को बाढ़ जोन चिन्हित किया गया। देहरादून में रिस्पना नदी के शिखर फॉल से लेकर मोथरोवाला संगम तक के 22 किलोमीटर के हिस्से की भूमि को बाढ़ मैदान परिक्षेत्र घोषित कर दिया गया है. ऐसे में अब शिखर फॉल से लेकर मोथरोवाला संगम के बीच दोनों तटों से लगे 77 हेक्टेयर क्षेत्र में निर्माण कार्यों के लिए अनुमति लेनी होगी।

धामी मंत्रिमंडल की सहमति मिलने के बाद अब सिंचाई विभाग की ओर से शिखर फॉल से लेकर मोथरोवाला संगम तक के क्षेत्र को बाढ़ मैदान परिक्षेत्र घोषित किए जाने संबंधित अधिसूचना जारी की जाएगी. उत्तराखंड में नदियों के बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण की व्यवस्था के लिए अधिनियमित ‘उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012’ के तहत अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी।

इस अधिसूचना के जारी होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य हो जाएगा. साथ ही सिंचाई विभाग की ओर से नदी के निषेध और वर्जित क्षेत्र में 25 एवं 100 साल के आधार पर सुरक्षा संबंधित कार्य किए जाएंगे. रिस्पना नदी के दोनों तरफ काफी संख्या में अवैध बस्तियां बस चुकी हैं, जिसके चलते कई जगहों पर नदी अब नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है. लिहाजा, रिस्पना नदी के स्वरूप को बचाए रखने और आसपास रह रहे लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर निर्णय लिया गया है.

क्या होता है बाढ़ मैदान परिक्षेत्र (फ्लोड जोन)?

किसी भी नदी में बाढ़ की स्थिति के दौरान पानी कहां तक फैल सकता है, उस क्षेत्र को बाढ़ मैदान परिक्षेत्र कहा जाता है. बाढ़ मैदान परिक्षेत्र अधिसूचित करने के लिए पिछले 100 सालों और बीते 25 साल में अधिकतम बाढ़ के प्रभावों का आकलन किया जाता है, इसके बाद ये क्षेत्र घोषित किया जाता है.

बरसात के दौरान रिस्पना नदी के किनारे रह रहे लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। विभागों के स्तर से आपदा प्रभावित इलाकों में मकान खाली करवाए जाते हैं, लेकिन बरसात खत्म होते ही फिर से स्थिति खराब हो जाती है। हालात ऐसे हैं कि नदी पर बने पुल तक के नीचे लोग झुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। ऐसे में अगली बरसात में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

यह इलाके हैं शामिल

मकड़ैती, हतडीवाला, वीरगीरवाली, केरवान करनपुर, चालंग, ढाकपट्टी, तरलानागल, किशनपुर, धोरणखास, जाखन, चीड़ोवाली, कंडोली, अधोईवाला, धर्मपुर डालनवाला, धर्मपुर, अजबपुर, इंद्रपुर, केदारपुर, मोथरोवाला के रिस्पना ये न्यो इलाके फ्लड जोन घोषित किए गए हैं।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *