कैबिनेट के बाद टिहरी से आए रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय से काफिला रूकवाकर मिले सीएम, हुई ये चर्चा
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे केवल एक कुशल प्रशासक नहीं, बल्कि आम जन की पीड़ा को समझने वाले एक संवेदनशील जनसेवक हैं। मंगलवार देर रात कैबिनेट बैठक के बाद जब मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर निकल रहे थे, तभी उनकी नजर टिहरी जनपद से आए रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय पर पड़ी, जो उनसे मिलने की आशा में लंबे समय से वहाँ इंतज़ार कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं जाकर रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय से भेंट की। उन्होंने पूरे धैर्य और संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी और मौके पर ही संबंधित सचिव को आवश्यक निर्देश दिए। रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय ने पहाड़ी दुर्गम क्षेत्रों से हो रहे पलायन की चिंता जताई और कुछ सार्थक सुझाव भी साझा किए।
मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इस गंभीर समस्या को लेकर सजग है और पलायन को रोकने के लिए ठोस व प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से मिलने वाले सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि सरकार का उद्देश्य है — राज्य के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना।
इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने रघुनंदन प्रसाद पाण्डेय और उनके साथियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए — यह दर्शाते हुए कि एक सच्चा जनसेवक केवल सुनता नहीं, बल्कि हर ज़रूरतमंद के साथ खड़ा भी रहता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह सहज व्यवहार, संवेदनशील दृष्टिकोण और तत्परता— उन्हें केवल एक नेता नहीं, बल्कि जनभावनाओं का असली प्रतिनिधि बनाता है।