देहरादून में मुस्लिम सेवा संगठन ने पत्रकार वार्ता कर तथाकथित कांवडियों द्वारा की गई मारपीट और तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया गया है। संगठन ने आज प्रैस वार्ता कर सरकार से मामले में कार्रवाई की मांग की है। संगठन अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि बीते रविवार को एक युवक को तथाकथित कांवडियों ने पीटा और उसकी कार में तोड़फोड़ की।
तथाकथित कांवडियों द्वारा आकिब की पिटाई का करण कावंड खण्डित करना बताया जा रहा है जबकि सीसीटीवी फुटेज एवं पुलिस जांच में बताया गया कि आकिब द्वारा किसी भी प्रकार से कांवड को खण्डित नहीं किया गया है। यह जानकारी सीओ सदर राजू राव द्वारा दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आकिब को धार्मिक आधार पर पीटा गया तथा मुस्लिम सेवा संगठन को प्रतीत होता है कि यह मोबलिंचिग का मामला है वरना कोई आधार नही की किसी व्यक्ति को नाम पुछ कर मारा जाये।
पीडित आकिब का वक्तव्य है कि उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया यदि पुलिस मौके पर ना पहुंचती तो उसकी हत्या भी हो सकती थी। मुस्लिम सेव संगठन ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और दोषियों के विरुद्ध कढी कानूनी कार्यवाही की मांग की है। साथ ही उत्तराखण्ड तथा उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि कोई भी ऐसी निति ना बनाई जाये जिससे ध्रुविकरण की स्थिती उत्पन्न हो तथा समाज में द्वेष का वतावरण बने। जैसा की मुज्जफरनगर तथा हरिद्वार पुलिस प्रशासन के एक आदेश से बना। जिसकी चर्चा सम्पूर्ण विश्व में हुई।
वहीं मुस्लिम सेवा संगठन अध्यक्ष ने माननीय उच्चतम न्यायालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोर्ट ने ऐसे कृत्य पर रोक लगाई। जो समाज को विभजित करने का काम कर रहा था वरना जैसा कि अकिब के साथ हुआ क्या किसी दुकान और होटल स्वामी तथा कर्मचारियों के साथ भी धार्मिक आधार पर हमला और तोड़फोड़ हो सकती है?
इस अवसर पर मुसिलम सेवा संगवन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी, मुदस्सिर कुरैशी, साकिब कुरैशी, सददाम कुरैशी, महताब कुरैशी, फरहान पठान, नापितम खान, नाजिम जैदी, मौलाना मुहम्मद हाशिम उमर, रमीज राजा आदि उपस्थित रहे।